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Saturday, January 5, 2019

आपका SIM Card आपको बना सकता है कंगाल, जानिए पूरा माजरा

दोस्तों, आज के समय में हर व्यक्ति के पास एक स्मार्टफोन जरुर रहता है ऐसे में अपने परिवार वाले या अन्य लोगो से बात करने के लिए हमें उसी फोन में SIM कार्ड भी रखनी पड़ती है| लेकिन वही SIM कार्ड आपको कंगाल बना सकता है| बता दें कि हाल ही में एक व्यापारी के फोन पर रात के समय 6 मिस्ड कॉल आये थे और 1.86 करोड़ रूपये अकाउंट से गायब हो गया| यह सब सिम स्वैपिंग यानि सिम बदलने के कारण हुआ| व्यापारी के बैंक अकाउंट के पैसे 28 अलग-अलग खातों में ट्रान्सफर कर दी गयी| आखिर इस खेल का पूरा माजरा क्या है चलिए हम इस पोस्ट में जानते हैं और शेयर करके अपने दोस्तों को जरुर बताएं|

दोस्तों, आपको पता होगा आज के समय हम हर काम को ऑनलाइन कर दी गयी है ऐसे में हमें किसी भी व्यक्ति को पैसे भेजने की भी जरुरत पड़ती है तो हम सामने वाले व्यक्ति के खाते में मिनटों में पैसे भेज सकते हैं बस भेजते समय बैंक में रजिस्टर किया हुआ नंबर हमारे पास होना चाहिए क्योंकि पैसे ट्रान्सफर करते समय उस नंबर पर OTP आता है, जिसे हमें उसी समय डालना पड़ता है|
आखिर SIM नंबर उस फ्रॉड के पास कैसे जाता है ?

साइबर सिक्योरिटी एक्सपर्ट एडवोकेट प्रशांत माली ने बीबीसी मराठी को बताया कि किस तरह से सिम स्वैपिंग की जाती है और इससे बचाव के रास्ते क्या हैं| उनका कहना है कि 2011 के बाद से इस तरह के अपराध बढ़े हैं| सिम स्वैपिंग सिर्फ एक शख्स नहीं करता बल्कि इस तरह के काम में कई लोग शामिल रहते हैं| साइबर एंड लॉ फ़ाउंडेशन की आंतरिक रिसर्च से पता चला है कि 2018 में ही इस तरीके से भारत में 200 करोड़ रुपये उड़ा लिए गए|

जो लोग इस तरह के अपराधों के शिकार होते हैं, वे पढ़े-लिखे होते हैं लेकिन सुरक्षा को लेकर वो सजग नहीं होते| अलग-अलग तरह के मीडिया, सोशल मीडिया के ज़रिये पहले तो आप पर नज़र रखी जाती है और आपकी जानकारियां जुटाई जाती हैं| कई बार आपको किसी अनजान नंबर से कॉल आती है और जानकारी ली जाती हैं|

कई बार फिशिंग लिंक भी भेजे जाते हैं जिनमें आपको क्लिक करके अपनी प्राइवेट इन्फर्मेशन भरने के लिए कहा जाता है| कई बार ये धोखेबाज बैकों के डेटाबेस को भी खरीद लेती हैं| जैसे ही उनके पास आपकी जानकारियां आती हैं, वे आपके नाम का फर्जी आईडी कार्ड बना सकते हैं और उसकी मदद से टेलिकॉम कंपनियों को सिम ब्लॉक करने की रिक्वेस्ट डाल सकते हैं| कई बार वे वायरस या मैलवेयर की मदद से भी जानकारियां जुटाते हैं|

जैसे ही टेलिकॉम कंपनियां नया सिम कार्ड देती हैं, ठग नए सिम से आराम से OTP हासिल करके आपके बैंक खाते से ट्रांजैक्शन कर सकते हैं| चूंकि नया सिम इन ठगों के पास होता है, इसलिए ओटीपी इनके पास ही आता है| वे आपके खाते में मौजूद रकम को अन्य लोगों को आराम से ट्रांसफर कर सकते हैं| वह खाता किसी और का होता है या गलत आईडी प्रूफ पर अकाउंट खुलवाया हुआ होता है| जिससे उनके पकड़े जाने का संदेह कम होता है| अगर कोई आपके कहे कि हूं आपके अकाउंट में पैसे भेज रहे हैं तो सोच समझकर ही मनवायें|

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