Friday, February 15, 2019

अगर ऑनलाइन क्रेडिट कार्ड करते हैं Apply, तो हो जाएं सावधान !

क्या आपको पता है कि क्रेडिट और डेबिट कार्ड फ्रॉड मामलों की संख्या बढ़कर 2018 में 2,446 हो गई थी ? यह तमाम कारणों में से एक था जिसकी वजह से भारतीय रिज़र्व बैंक ने अधिक से अधिक फाइनैंशल सिक्यॉरिटी के लिए हर तरह की प्लास्टिक मनी को EMV चिप के साथ रिन्यू करना अनिवार्य बना दिया| लेकिन बेंगलुरु में एक नई किस्म की OTP चोरी के बढ़ते मामलों को देखते हुए, आपके लिए यह बेहद जरूरी हो गया है कि आप किसी संभावित खतरे या घोटाले को अनदेखा न करें| इतनी मेहनत से कमाए गए पैसे को सुरक्षित रखने के लिए आपको हर तरह के क्रेडिट कार्ड फ्रॉड की जानकरी रखनी चाहिए|
कार्ड की चोरी

यह अभी भी सबसे बड़े खतरों में से एक है जिस पर प्रत्येक क्रेडिट कार्ड यूजर को नजर रखनी चाहिए| जेबकतरी से बचने के लिए ट्रैवल करते समय या भीड़ में सावधान रहें और अपने बटुए पर नजर रखें और कार्ड स्वाइप करने के बाद अपने कार्ड को वापस अपने बटुए में रखना न भूलें| इसके अलावा, कार्ड पर या बटुए में रखी किसी चीज पर PIN या अन्य जानकारी को लिखकर न रखें क्योंकि इससे कार्ड चोरी होने पर कार्ड का गलत इस्तेमाल करने में मदद मिल सकती है|

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बता दें कि आपका क्रेडिट कार्ड तब तक इस्तेमाल किया जा सकता है जब तक आप उसे ब्लॉक नहीं करते हैं, जिससे एक चोर को आपके कार्ड से एक बहुत बड़ी रकम निकालने या खर्च करने के लिए काफी समय मिल जाता है| इससे पहले कि आपको पता चले कि आपका कार्ड लापता है और इससे पहले कि आप अपनी कार्ड कंपनी को कॉल करके इसकी जानकारी देंगे|
कॉल और ईमेल फ्रॉड

कई धोखाधड़ी वाले ईमेल या SMS को देखकर ऐसा लगता है कि उन्हें वास्तविक स्रोत से भेजा गया है लेकिन ऐसा नहीं होता है| इस तरह के ईमेल या मेसेज में अक्सर दुर्भावनापूर्ण सॉफ्टवेयर के लिंक होते हैं जिन्हें आपके फोन या कंप्यूटर पर डाउनलोड किया जा सकता है| इस प्रक्रिया को फिशिंग कहा जाता है जिसके तहत आपकी व्यक्तिगत जानकारी जैसे पासवर्ड, PIN, और अकाउंट नंबर इत्यादि को हासिल किया जा सकता है| आपको अपनी क्रेडिट कार्ड कंपनी या बैंक से तरह-तरह के टेक्स्ट मेसेज भी मिल सकते हैं जिसमें कहा जाता है कि उनका कोई भी कर्मचारी आपसे आपका OTP या CVV नंबर नहीं पूछेगा|

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इस तरह के मेसेज आपको सावधान करने के लिए भेजे जाते हैं| विशिंग, फिशिंग की तरह होता है, जिसके तहत स्पैम कॉल किए जाते हैं और कॉलर आपसे आपका कार्ड नंबर, CVV या OTP जैसी व्यक्तिगत जानकारी मांगने की कोशिश करता है| इसलिए अगली बार इस तरह का कॉल या मेसेज आये तो उन लिंक्स पर क्लिक न करें या बातचीत को आगे न बढ़ाएं जो आपसे महत्वपूर्ण जानकारी निकालने के इरादे से किया जा रहा हो|
अनाधिकृत वेबसाइटों के माध्यम से पेमेंट

ऑनलाइन शॉपिंग इतनी सुविधाजनक है कि इसे अनदेखा नहीं किया जा सकता या इससे दूर नहीं रहा जा सकता| लेकिन स्कैमर्स ऐसी वेबसाइटें तैयार करते हैं जो देखने में काफी हद तक असली वेबसाइटों की तरह लगती हैं और जब आप उस वेबसाइट में अपने क्रेडिट कार्ड की जानकारी दर्ज करते हैं, तब वे उस जानकारी का इस्तेमाल धोखाधड़ी वाला लेनदेन करने के लिए करते हैं|

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इसलिए किसी भी वेबसाइट का इस्तेमाल करते समय इस बात की जांच करें कि उसके अड्रेस में कहीं कोई अतिरिक्त अक्षर या स्पेलिंग में कोई गलती तो नहीं है या यदि वह COD ऑप्शन देता है तो उसमें अतिरिक्त चार्ज लगने के बावजूद COD ऑप्शन ही चुनें| आख़िरकार, यदि थोड़ा ज्यादा पैसे चुकाने पर COD फीस से ज्यादा का नुकसान होने से बचा जा सकता है तो इसमें बुराई ही क्या है|
इंटरनेट का इस्तेमाल करके कार्ड डीटेल्स की चोरी

आज के जमाने में आपके क्रेडिट कार्ड की डीटेल्स चुराने के लिए आपके क्रेडिट कार्ड को चुराना जरूरी नहीं है| कभी-कभी पब्लिक वाई-फाई का इस्तेमाल करने पर भी क्रेडिट कार्ड की डीटेल्स चोरी हो सकती हैं| इसीलिए आपका फोन आपको एक सुरक्षित वाई-फाई कनेक्शन का इस्तेमाल करने के लिए कहता है| सिर्फ अपने होम वाई-फाई या डेटा कनेक्शन का इस्तेमाल करके हैकिंग की संभावना से बचें| जरूरत पड़ने पर, पब्लिक वाई-फाई का इस्तेमाल करें, लेकिन इसका इस्तेमाल करके कोई फाइनैंशल लेनदेन न करें|

आपके कार्ड की डीटेल्स चुराने का एक और तरीका यह भी है कि इस तरह की वाई-फाई सेवाओं का इस्तेमाल करते समय आप अनजाने में कुछ ऐसे सॉफ्टवेयर डाउनलोड करने की गलती कर सकते हैं जो आपकी इनपुट जानकारी को रिकॉर्ड कर लेता है जिसका इस्तेमाल बाद में धोखाधड़ी के लिए किया जा सकता है| इसे कीस्ट्रोक लॉगिंग भी कहा जाता है, इससे हैकरों को आपके कीस्ट्रोक्स और पासवर्ड को रिकॉर्ड करने में मदद मिलती है जिसकी मदद से वे आपके क्रेडिट कार्ड से जुड़ी डिटेल्स चुरा लेते हैं|
पहचान की चोरी


क्या आपको पता है कि कुछ धोखेबाज आपकी पहचान चुराकर आपके नाम से क्रेडिट कार्ड के लिए अप्लाई करते हैं ? कुछ मामलों में ऐसा देखा गया है कि ये धोखेबाज आपकी पहचान चुराकर या आपके जैसा बनकर एक क्रेडिट के लिए फिर से अप्लाई करते हैं और अड्रेस बदलने का अनुरोध करते हैं| इस तरह उन्हें आपके क्रेडिट कार्ड का एक्सेस मिल जाता है जिसका इस्तेमाल वे गलत काम के लिए करते हैं| इसलिए अपने बैंक स्टेटमेंट और यूटिलिटी बिल को सावधानीपूर्वक संभालकर रखें क्योंकि इनका इस्तेमाल इस प्रक्रिया के लिए किया जा सकता है|

यदि आपको लगता है कि यह दुर्भावनापूर्ण है तो आपको जानकर हैरानी होगी कि स्कीमिंग घोटाला इससे कितना बुरा हो सकता है! स्कीमिंग वह प्रक्रिया है जिसमें आपके लेनदेन के बाद रसीद की कॉपियों या इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के माध्यम से क्रेडिट कार्ड की डीटेल्स चुराई जाती हैं| यह आमतौर पर बिक्री वाली जगहों पर होता है, इसीलिए EMP चिप का इस्तेमाल करने पर इतना जोर दिया जा रहा है ताकि आपके कार्ड के मैग्नेटिक स्ट्रिप का गलत फायदा उठाया न जा सके| इस समस्या को सुलझाया जा सकता है लेकिन फिर भी अपने क्रेडिट कार्ड स्टेटमेंट पर नजर रखकर और प्रत्येक लेनदेन के लिए SMS अलर्ट के लिए साइन अप करके सुरक्षित रहने में ही भलाई है ताकि बाद में पछताना न पड़े|

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