Sunday, May 19, 2019

एक लड़की ने इंस्टाग्राम पोल पर लिखा D या L, तो 69 फीसदी ने कहा D

आज कल सोशल मीडिया यूजर्स की संख्या में दिन दोगुनी रात चौगुनी बढ़ती ही जा रही है| सोशल पर पर छोटी या बड़ी बात पर लोग ट्रोल हो जाते हैं| इतना ही नहीं जहां यूजर्स को कुछ भी कमेंट करने की जरुरत नहीं होती है वहां भी सोशल मीडिया यूजर्स बिना कुछ सोचे अपनी राय देने पहुंच जाते हैं| ऐसे में यूजर्स की एक ही सोच रहती है कि खाली ही तो बैठे हैं तो उसके बदले सोशल मीडिया टाइमपास के लिए चला लेते हैं| लेकिन इसी टाइमपास ने किसी व्यक्ति की जान ले ली है|
69 फीसदी लोगों ने कहा-हां मर जाओ

हाल ही में एक बेहद ही दुखद हैरान कर देने वाला मामला मलेशिया का आया है| वहां पर एक 16 साल की लड़की ने आत्महत्या कर ली है| अपनी जिंदगी में किसी निजी समस्या में फंसी हुई इस लड़की ने इंस्टाग्राम पर एक पोल डाला था, जिसमें युवती ने लोगों से पूछा कि क्या उसे आत्महत्या कर लेनी चाहिए| खाली बैठे नासमझ यूजर्स की भीड़ ने अपना टाइम पास करने के लिए हां में जवाब दे दिया| इसमें करीब 69 फीसदी लोगों ने हां बोला| फिर क्या था युवती ने आत्महत्या कर ली| ये पूरी घटना मलेशिया के सरावक स्थित कुचिंग इलाके की है|
इंस्टाग्राम पर स्टोरी 13 मई के दिन पोस्ट की थी

बता दें कि इस घटना पर मलेशिया प्रशासन ने जांच के आदेश दिए है| बताया जा रहा है कि युवती ने इंस्टाग्राम पर अपनी पोस्ट में लिखा था| यह बहुत जरूरी है, इसे चुनने में मेरी मदद कीजिए D या L| खबरों के अनुसार ये पोस्ट युवती ने 13 मई के दिन अपनी इंस्टा स्टोरी पर डाली थी, जिसके कुछ घंटो बाद ही युवती ने छत से कूद कर अपनी जान दे दी|
क्या युवती को बचाया जा सकता था ?

पीड़‍ित के एक दोस्‍त ने बताया की इंस्‍टा स्‍टोरी में D का मतलब डेथ था और L का मतलब लाइफ होता है| जिला पुलिस के प्रमुख Aidil Bolhassan ने The Borneo Post अखबार से कहा, पोल में लड़की के फॉलोअर्स में से 69 फीसदी ने अपनी ओर से D लिखा था| बता दें कि मलेशिया संसद के सदस्य और एक वकील रामकृपाल सिंह ने कहा है कि जिन लोगों ने किशोरी को मरने के लिए वोट दिया है| वो सारे ही युवती की आत्महत्या के लिए दोषी हो सकते हैं| अधिकारियों ने किशोरी की मृत्यु के लिए इन सभी परिस्थितियों की जांच करने की अपील की है|
दोषी पाए जाने पर हो सकती है 20 साल कैद की सजा

जानकारी के लिए बता दें कि मलेशियाई कानून के अनुसार किसी भी नाबालिग को आत्महत्या के लिए उकसाने या फिर उसका आत्महत्या में साथ देने के मामले में दोषी पाए जाने पर 20 साल कैद की सजा है| इस घड़ी में सवाल सजा का नहीं बल्कि,सवाल यह है कि किसी के टाइमपास और बेवजह कुछ भी लिख देने पर किसी मासूम की जान चली गई है| इसलिए अगर आप सोशल मीडिया यूजर्स हैं तो कुछ ही लिखने से पहले समझ लें|

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