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Saturday, June 29, 2019

1 जुलाई से बदल जायेगा बैंकों से जुड़ी यह 3 नियम, अकाउंट होल्डर्स को मिलेगी राहत

दोस्तों, अगर आपने बैंक में अकाउंट खोलवा रखा है तो आपके लिए 1 जुलाई से बड़ी खुशियाँ आने वाली है| बैंकों से जुड़ी 3 बदलाव देखने को मिलने वाले हैं, जिससे आपको ही फायदा होने वाला है| ऑनलाइन ट्रांजेक्शन को बढ़ावा देने के लिए NEFT और RTGS पर लगने वाले चार्ज को ख़त्म किया जाने वाला है| इसके अलावा SBI से होम लोन लेने वाले ग्राहकों को रीपो रेट कम होने का लाभ मिल सकता है| चलिए इसके बारे में जानते हैं|
NEFT और RTGS पर चार्ज खत्म

भारतीय रिजर्व बैंक ने आरटीजीएस और एनईएफटी के जरिए पैसा ट्रांसफर करने पर लगने वाले चार्ज को 1 जुलाई से खत्म करने की घोषणा की है| रीयल टाइम ग्रॉस सेटलमेंट सिस्टम (RTGS) बड़ी राशियों को एक खाते से दूसरे खाते में तुरंत ट्रांसफर करने की सुविधा है| इसके अलावा NEFT के जरिये दो लाख रुपये तक तुरंत ट्रांसफर कर सकते हैं| देश का सबसे बड़ा भारतीय स्टेट बैंक NEFT के जरिए पैसे ट्रांसफर के लिए एक रुपये से 5 रुपये का शुल्क लेता है| वहीं RTGS के राशि स्थानांतरित करने के लिए वह 5 से 50 रुपये का शुल्क लेता है|
SBI का होम लोन रीपो रेट से जुड़ेगा

देश का सबसे बड़ा बैंक भारतीय स्टेट बैंक (SBI) 1 जुलाई से अपने होम लोन की ब्याज दरों को रीपो रेट से जोड़ देगा यानी अब SBI होम लोन की ब्याज दर पूरी तरह रीपो रेट पर आधारित हो जाएगी| अब यह समझना जरूरी है कि चूंकि रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति समिति (मॉनेटरी पॉलिसी कमिटी या एमपीसी) वर्ष में छह बार यानी हर दूसरे महीने नीतिगत ब्याज दरों की समीक्षा करती है जिनमें रीपो रेट भी शामिल है| स्पष्ट है कि अगर हर द्विमासिक मौद्रिक नीति समीक्षा में रीपो रेट में बदलाव हुआ तो SBI के होम लोन की ब्याज दरें भी उसी के मुताबिक घटेंगी या बढ़ेंगी|

अगर एक से ज्यादा बैंकों में है आपका अकाउंट तो हो सकता है भारी नुकसान

मसलन, आरबीआई की मौद्रिक नीति समिति ने लगातार तीन समीक्षा बैठकों में रीपो रेट में कुल मिलाकर 0.75 प्रतिशत की कटौती कर चुका है| आगे ऐसी परिस्थितियों में SBI का होम लोन भी लगातार सस्ता होगा| हालांकि, कई बार रीपो रेट न घटाया जाता है और न ही उसमें कोई वृद्धि की जाती है| रीपो रेट में कोई बदलाव नहीं होने की स्थिति में SBI होम लोन की ब्याज दरें भी स्थिर रहेंगी|
बेसिक अकाउंट होल्डर्स को भी चेक की सुविधा


बैंकों में बेसिक अकाउंट रखने वाले ग्राहकों को भी चेक बुक और अन्य सुविधाएं उपलब्ध हो सकती हैं| बैंक इन सुविधाओं के लिए खाताधारकों को कोई न्यूनतम राशि रखने के लिए नहीं कह सकते| प्राथमिक बचत बैंक जमा खाता (बीएसबीडी) से आशय ऐसे खातों से है, जिसे शून्य राशि से खोला जा सकता है| इसमें कोई न्यूनतम राशि रखने की जरूरत नहीं है| वित्तीय समावेशी अभिभयान के तहत आरबीआई ने बैंकों से बचत खाते के रूप में बीएसबीडी खाते की सुविधा देने की अनुमति दी है| यह आदेश 1 जुलाई से लागू होने जा रहा है|

अगर एक से ज्यादा बैंकों में है आपका अकाउंट तो हो सकता है भारी नुकसान

आरबीआई ने बैंकों के लिए अपने जीरो बैलंस अकाउंट होल्डर्स को सेविंग्स अकाउंट होल्डर्स जितनी सुविधाएं देना अनिवार्य नहीं किया है, बल्कि उन्हें अनुमति दी है| इसका मतलब है कि बैंक अगर चाहें तो नए नियम के तहत जीरो बैलंस वाले खाताधारकों को चेकबुक जैसी सुविधाएं दे सकते हैं| साथ ही, वह महीने में चार बार जमा और निकासी की सीमा खत्म कर सकते हैं और जीरो बैलंस अकाउंट वालों को भी जितनी बार चाहे पैसे जमा कराने या निकालने की अनुमति दे सकते हैं| लेकिन, इसके लिए कोई फीस नहीं लगाई जा सकती है|

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