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Tuesday, June 11, 2019

जब कंप्यूटर भी फेल हो गया था भारत की इस गणितज्ञ के आगे

दोस्तों, शकुंतला देवी मानव कंप्यूटर के रूप में विख्यात शकुंतला देवी को संख्यात्मक परिगणना में गजब की स्फूर्ति हासिल थी| इसीलिए उन्हें मानव कंप्यूटर भी कहा जाता था| 6 साल की उम्र में उन्होंने मैसूर यूनिवर्सिटी में पहली बार अपनी प्रतिभा का सार्वजनिक प्रदर्शन किया था| शकुंतला देवी ने कुछ ही समय में बड़े-बड़े कैलकुलेशन करके बड़े-बड़े एक्सपर्ट को भी हैरान कर दिया था|


एक बार 1977 में शकुंतला देवी न्यूयॉर्क गई थी| वहां उनका मुकाबला उस वक्त के सबसे तेज कंप्यूटर से हुआ| उन्हें 201 अंको की एक संख्या का 23वां मूल निकलना था| यह सवाल हल करने में उन्हें 50 सेकंड लगे| जबकि उस कंप्यूटर ने 62 सेकंड का वक़्त लिया| इस घटना की वजह से वह पूरी दुनिया में छा गई| वैसे शकुंतला देवी के बारे में आज और भी जान सकते हैं|

उन्हें अपनी योग्यता साबित करने के लिए लंदन के सबसे प्रतिष्ठित इंपीरियल कॉलेज में बुलाया गया| यहां भी शकुंतला देवी का मुकाबला एक कंप्यूटर से करवाया गया| उनको 13 अंकों की दो संख्याओं का गुणनफल निकालने का काम दिया गया और यहां भी वे कंप्यूटर से तेज साबित हुई| शकुंतला देवी ने इस सवाल का जवाब मात्र 27 सेकंड में दे दिया था| उनका यह कारनामा गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकार्ड में प्रकाशित हुआ है|

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