Friday, June 5, 2020

आपका आधार कार्ड, पैन कार्ड और पासपोर्ट इंटरनेट पर बेचा जा रहा है, जानिए पूरा मामला

आज के समय में किसी का भी पर्सनल डाटा लीक होना कोई नयी बात नहीं है कई बार लोगों का डाटा लीक किया गया है| ऐसे में इस बार एक लाख से अधिक भारतीयों का पर्सनल डाटा जैसे आधार कार्ड, पैन कार्ड और पासपोर्ट दूसरे राष्ट्रीय पहचान पत्रों की स्कैन कॉपी ‘डार्क नेट’ (Dark Net) पर सेल की उपलब्ध कराई गई है|

साइबर सिक्योरिटी फर्म साइबल (Cyble) के रिपोर्ट में कहा गया है कि यह डेटा लीक एक थर्ड पार्टी प्लेटफॉर्म से हुआ है| ज्यादातर तस्करी, आंतकवाद और दूसरे अवैध कामों के लिए इस नेट का इस्तेमाल किया जाता है| कई बार संवेदनशील जानकारियां साझा करने के लिए भी इसका इस्तेमाल होता है|

जानिए आखिर क्या है मामला :- डार्क वेब में मौजूद इस डाटा बेस से ही पता लगाया जा सकता है कि यह डाटा किसी KYC करने वाली कंपनी के जरिये लीक की गयी है| क्योंकि जो डाटा डार्क वेब पर मौजूद है वह आधार कार्ड, पैन कार्ड और पासपोर्ट की स्कैन कॉपी शामिल है| बता दें कि डार्क नेट इंटरनेट का वह हिस्सा है, जो साधारण सर्च इंजन से काफी अलग है और इसके उपयोग के लिए किसी खास सॉफ्टवेर की जरुरत पड़ती है|

कैसे लीक हुए यह डॉक्युमेंट : भारत के अलग-अलग हिस्सों के एक लाख से अधिक लोगों के पहचान दस्तावेजों तक कथित पहुंच का दावा किया है| साइबल के शोधार्थियों ने उस उपयोक्ता से करीब एक लाख पहचान दस्तावेज हासिल कर उनके भारतीय होने की पुष्टि की है| यह सभी दस्तावेज स्कैन कॉपी के रूप में हैं| इनके किसी कंपनी के 'अपने ग्राहक को जानो' डेटाबेस से चोरी होने की संभावना है| हालांकि कंपनी इस मामले की जांच कर रही है|

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