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Friday, February 28, 2020

अगर SBI में है आपका खाता तो आपको हर महीने होगी ऐसे कमाई, करना होगा यह काम

अगर आपका बैंक खाता स्टेट बैंक ऑफ़ इंडिया में है तो आपके लिए बहुत बड़ी खुशखबरी है क्योंकि आप घर बैठे हर महीने कमाई कर सकते हैं| दरअसल, SBI अपने ग्राहकों को एन्युटी डिपॉजिट स्कीम (SBI Annuity Deposit Scheme) ऑफर करता है जिसके तहत हर महीने एक फिक्स्ड इनकम होती है| ​लेकिन इसके लिए ग्राहकों को एक बार ही बैंक में एक तय रकम डिपॉजिट करना होता है| SBI का यह खास स्कीम उन लोगों के लिए है, जो अपनी सेविंग की मदद से हर महीने तय इनकम पाना चाहते हैं|

SBI वेबसाइट पर दी गयी जानकारी के मुताबिक, इस स्कीम के तहत डिपॉजिटर्स को हर महीने EMI के तौर पर एक तय रकम दिया जाता है| इसमें अकाउंट होल्डर को उसके​ डिपॉजिट के साथ-साथ ब्याज भी मिलता है| इस स्कीम के तहत बैंक ​डिपॉजिट जमा करने के अगले महीने से ही ब्याज देना शुरू कर देता है| मान लीजिए कि आपने इस स्कीम के तहत 28 फरवरी को ​डिपॉजिट किया है तो इसपर आपको 27 मार्च से ही डिपॉजिट मिलना शुरू हो जाएगा|
SBI में एक साथ कितना करना होगा डिपॉजिट

SBI के इस एन्युटी डिपॉजिट स्कीम के मुताबिक अधिकतम डिपॉजिट करने की कोई लिमिट नहीं है लेकिन इस स्कीम का लाभ लेने के लिए डिपॉजिट होल्डर को कम से कम 25 हजार रुपये डिपॉजिट करना जरुरी है| इसके अलावा SBI एन्युटी डिपॉजिट स्कीम में ग्राहकों को कई मैच्योरिटी पीरियड का विकल्प मिलता है| डिपॉजिटर्स के पास विकल्प होता है कि वो 3 से 5 साल, 7 साल और 10 साल के विकल्प में से किसी एक विकल्प को चुनें| इस स्कीम में डिपॉजिटर्स को नॉमिनेशन की सुविधा भी मिलती है|

Monday, September 30, 2019

इस बैंक से अब 6 महीने में एक बार ही निकाल पाएंगे पैसे, बैंक में हुआ हंगामा

मोदी सरकार द्वारा देशभर में बैंकों को लेकर नए नियम लागू किये जाते रहे हैं| इसमें कभी बैंक के लेन-देन को लेकर तो कभी कई बैंको को एक बैंक में विलय करने के लिए आदेश दिए जाते रहे हैं| इसके अलावा कई बैंकों का लाइसेंस तक रद्द कर दिया गया है| ऐसे में अगर आपका खाता भी बैंक अकाउंट में है तो आपके लिए एक जरूरी खबर आई है, जिसे जान लेने सभी के लिए बेहद जरूरी है|
6 महीने में एक बार ही निकाल पाएंगे पैसे

आज आपको एक ऐसे बैंक के बारे में बताने जा रहे हैं, जिसमें खाताधारक 6 महीने में केवल एक बार ही पैसे निकाल पाएंगे और हैरानी की बात यह की निकाली जाने वाली राशि सीमा 1 हजार रुपये रखी गई है| इसके बाद इस बैंक के बाहर हंगामा मचा हुआ है| रिज़र्व बैंक ऑफ इंडिया की तरफ कहा गया कि इस बैंक पर 6 महीने का प्रतिबंध लगाया गया है लेकिन इस बैंक का लाइसेंस रद्द नहीं किया जाएगा|
इस बैंक पर लगा 6 महीने का प्रतिबंध

रिज़र्व बैंक ऑफ इंडिया ने आदेश जारी करते हुए कहा है कि बैंकिंग रेग्युलेशन की धारा 35A के सेक्शन 1 के तहत बैंक पर लोन जारी करने और बिसनेस को लेकर रोक लगा दी गई है| इसके साथ ही रिज़र्व बैंक ने PMC बैंक के सभी लेन-देन पर कड़ी निगरानी रखने के निर्देश दिए हैं| इस आदेश का प्रभाव बैंक के खाताधारकों पर भी पड़ने वाला है|

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Sunday, September 22, 2019

RBI के इस नियम ने मचाया तहलका, अब बैंक रोजाना आपके खाते में डालेगा 100 रुपये

देश भर में लगभग हर दूसरे व्यक्ति के पास खुद का बैंक खाता है, जिसका इस्तेमाल वे पैसे लेन-देन के लिए करते हैं| लेकिन मौजूदा समय में लोगों को बैंक लेन-देन को लेकर काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है, जिसमे ऑनलाइन ट्रांजैक्शन फेल होने की समस्या सबसे अधिक आती है| इसके चलते बैंक ग्राहकों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है|
RBI के नए नियम ने मचाया तहलका

बैंक द्वारा ग्राहकों को बेहतर सुविधा उपलब्ध कराने के प्रयास किये जाते रहे हैं लेकिन ऑनलाइन ट्रांजैक्शन के फेल हो जाने पर 1 दिन में पैसे वापस नहीं मिलते हैं तो इसके लिए RBI ने एक नया नियम बनाया है, जिसने तहलका मचा दिया है| इस नियम के मुताबिक अगर ऑनलाइन ट्रांजैक्शन फेल हो जाने पर 1 दिन में पैसा वापस नहीं मिलता है तो बैंक और डिजिटल वॉलिट्स को ग्राहकों को रोजाना की पेनल्टी का भुगतान करना पड़ेगा|
बैंक रोज खाते में डालेगा 100 रुपये

RBI के नए नियम के तहत बैंक को फेल ऑनलाइन ट्रांजैक्शन के पैसे 1 दिन में वापस ना करने पर 100 रुपये रोज का ग्राहक के खाते में डालना पड़ेगा| यह नियम UPI पेमेंट, IMPS, ई-वॉलिट्स, कार्ड-टू-कार्ड पेमेंट और NACH पर लागू होगा| इसके अलावा केंद्रीय सरकार ने डिजिटल और नॉन-डिजिटल लेन-देन के लिए भी टाइमलाइन तय की हुई है| एटीएम और माइक्रो एटीएम में फेल लेन-देन के लिए खाते में पैसे पहुंचने का समय 5 दिन का दिया गया है|

Wednesday, August 28, 2019

बदल गया ATM से पैसे निकालने का नियम, बिना फ़ोन के नहीं निकाल सकेंगे पैसे

अभी के समय में बैंकों में लम्बी लाइन में लगे बिना, आसानी से कैश निकालने के लिए एटीएम का उपयोग किया जाता है, जिसके माध्यम से कुछ ही समय में निर्धारित राशी को निकाल सकते हैं| लेकिन एटीएम से पैसे निकालने को लेकर बदलाव किया गया है, जिसके बाद अब आप अपने फोन के बिना एटीएम से कैश नहीं निकाल पाएंगे| वैसे यह बदलाव केनरा बैंक द्वारा किया गया है|

ऐसी खबर है कि केनरा बैंक के ग्राहकों को एटीएम से 10,000 से अधिक कैश निकालने पर आपको फोन की जरूरत पड़ेगी यानि अगर केनरा बैंक के ग्राहक हैं और आप एटीएम से 10 हजार से अधिक कैश निकाल रहे हैं तो इसके लिए आपको एटीएम ट्रांजैक्शन के वक़्त अपना मोबाइल फोन अपने साथ रखना होगा, नहीं तो आप कैश नहीं निकाल पाएंगे|
पैसे निकालते समय फोन रखना यह है वजह

दरअसल, केनरा बैंक ने एटीएम से पैसे निकालने के नियम में बदलाव किया है, जिसमें अब एटीएम से 10,000 रुपये से अधिक कैश निकालने पर OTP की आवश्यकता होगी यानि आपको निकासी के समय वन टाइम पासवर्ड का इस्तेमाल एटीएम से कैश निकालने के लिए करना पड़ेगा| OTP दर्ज करने के बाद ही आप कैश निकाल पाएंगे| नए नियम को लागू करने के पीछे ऑनलाइन फ्रॉड को कारण माना गया है|

जिसके चलते अब एटीएम से बिना OTP के केवल 10,000 की रकम ही निकाल सकेंगे| इससे अधिक रकम निकालने के लिए OTP की आवश्यकता पड़ेगी| SBI बैंक के डिप्टी मैनेजर सुरेश नायर के मुताबिक़ यह एक बेहतरीन कदम है, जिससे एटीएम फ्रॉड को रोकने में मदद मिलेगी. इसका अलावा उन्होंने बताया की स्टेट बैंक भी जल्द एटीएम के लिए OTP जरूरी करने वाला है|

Saturday, June 29, 2019

1 जुलाई से बदल जायेगा बैंकों से जुड़ी यह 3 नियम, अकाउंट होल्डर्स को मिलेगी राहत

दोस्तों, अगर आपने बैंक में अकाउंट खोलवा रखा है तो आपके लिए 1 जुलाई से बड़ी खुशियाँ आने वाली है| बैंकों से जुड़ी 3 बदलाव देखने को मिलने वाले हैं, जिससे आपको ही फायदा होने वाला है| ऑनलाइन ट्रांजेक्शन को बढ़ावा देने के लिए NEFT और RTGS पर लगने वाले चार्ज को ख़त्म किया जाने वाला है| इसके अलावा SBI से होम लोन लेने वाले ग्राहकों को रीपो रेट कम होने का लाभ मिल सकता है| चलिए इसके बारे में जानते हैं|
NEFT और RTGS पर चार्ज खत्म

भारतीय रिजर्व बैंक ने आरटीजीएस और एनईएफटी के जरिए पैसा ट्रांसफर करने पर लगने वाले चार्ज को 1 जुलाई से खत्म करने की घोषणा की है| रीयल टाइम ग्रॉस सेटलमेंट सिस्टम (RTGS) बड़ी राशियों को एक खाते से दूसरे खाते में तुरंत ट्रांसफर करने की सुविधा है| इसके अलावा NEFT के जरिये दो लाख रुपये तक तुरंत ट्रांसफर कर सकते हैं| देश का सबसे बड़ा भारतीय स्टेट बैंक NEFT के जरिए पैसे ट्रांसफर के लिए एक रुपये से 5 रुपये का शुल्क लेता है| वहीं RTGS के राशि स्थानांतरित करने के लिए वह 5 से 50 रुपये का शुल्क लेता है|
SBI का होम लोन रीपो रेट से जुड़ेगा

देश का सबसे बड़ा बैंक भारतीय स्टेट बैंक (SBI) 1 जुलाई से अपने होम लोन की ब्याज दरों को रीपो रेट से जोड़ देगा यानी अब SBI होम लोन की ब्याज दर पूरी तरह रीपो रेट पर आधारित हो जाएगी| अब यह समझना जरूरी है कि चूंकि रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति समिति (मॉनेटरी पॉलिसी कमिटी या एमपीसी) वर्ष में छह बार यानी हर दूसरे महीने नीतिगत ब्याज दरों की समीक्षा करती है जिनमें रीपो रेट भी शामिल है| स्पष्ट है कि अगर हर द्विमासिक मौद्रिक नीति समीक्षा में रीपो रेट में बदलाव हुआ तो SBI के होम लोन की ब्याज दरें भी उसी के मुताबिक घटेंगी या बढ़ेंगी|

अगर एक से ज्यादा बैंकों में है आपका अकाउंट तो हो सकता है भारी नुकसान

मसलन, आरबीआई की मौद्रिक नीति समिति ने लगातार तीन समीक्षा बैठकों में रीपो रेट में कुल मिलाकर 0.75 प्रतिशत की कटौती कर चुका है| आगे ऐसी परिस्थितियों में SBI का होम लोन भी लगातार सस्ता होगा| हालांकि, कई बार रीपो रेट न घटाया जाता है और न ही उसमें कोई वृद्धि की जाती है| रीपो रेट में कोई बदलाव नहीं होने की स्थिति में SBI होम लोन की ब्याज दरें भी स्थिर रहेंगी|
बेसिक अकाउंट होल्डर्स को भी चेक की सुविधा


बैंकों में बेसिक अकाउंट रखने वाले ग्राहकों को भी चेक बुक और अन्य सुविधाएं उपलब्ध हो सकती हैं| बैंक इन सुविधाओं के लिए खाताधारकों को कोई न्यूनतम राशि रखने के लिए नहीं कह सकते| प्राथमिक बचत बैंक जमा खाता (बीएसबीडी) से आशय ऐसे खातों से है, जिसे शून्य राशि से खोला जा सकता है| इसमें कोई न्यूनतम राशि रखने की जरूरत नहीं है| वित्तीय समावेशी अभिभयान के तहत आरबीआई ने बैंकों से बचत खाते के रूप में बीएसबीडी खाते की सुविधा देने की अनुमति दी है| यह आदेश 1 जुलाई से लागू होने जा रहा है|

अगर एक से ज्यादा बैंकों में है आपका अकाउंट तो हो सकता है भारी नुकसान

आरबीआई ने बैंकों के लिए अपने जीरो बैलंस अकाउंट होल्डर्स को सेविंग्स अकाउंट होल्डर्स जितनी सुविधाएं देना अनिवार्य नहीं किया है, बल्कि उन्हें अनुमति दी है| इसका मतलब है कि बैंक अगर चाहें तो नए नियम के तहत जीरो बैलंस वाले खाताधारकों को चेकबुक जैसी सुविधाएं दे सकते हैं| साथ ही, वह महीने में चार बार जमा और निकासी की सीमा खत्म कर सकते हैं और जीरो बैलंस अकाउंट वालों को भी जितनी बार चाहे पैसे जमा कराने या निकालने की अनुमति दे सकते हैं| लेकिन, इसके लिए कोई फीस नहीं लगाई जा सकती है|