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Friday, May 15, 2020

SBI ने एक सन्देश लिखकर अपने ग्राहकों को किया अलर्ट, आप भी पढ़ें

देश की सबसे बड़ी बंद स्टेट बैंक ऑफ़ इंडिया (SBI) अपने ग्राहकों के सिक्यूरिटी का ख्याल रखते हुए हमेशा अलर्ट करते रहता है| आज ऑनलाइन के इस ज़माने के फ्रॉड के केश काफी ज्यादा आने लगे हैं| ऐसे में आज हम आपको बैंकिंग से जुड़ी कुछ सावधानियों के बारे में बताने वाले हैं, जिससे आपके सालों की जमा पूंजी बचाई जा सकती है|अगर आप SBI के भेजे गए सन्देश का पालन नहीं करेंगे तो धोखाधड़ी का शिकार बन सकते हैं|
SBI ने एक सन्देश लिखकर अपने ग्राहकों को किया अलर्ट

प्रिय ग्राहक,
यह हमारा कर्तव्य है कि हम आपको ऑनलाइन धोखाधड़ी का शिकार होने से बचाएं| यहां बांकिंग से जुड़ी कुछ सावधानियां बताई गई हैं जिनका आपको सख्ती से पालन करना चाहिए|
  • यह आवश्यक हैं कि आप मानक नियमों का पालन करें और किसी अनजान व्यक्ति से अपना पर्सनल एवं बैंकिंग विवरण साझा न करें|
  • किसी भी अनौपचारिक लिंक पर क्लिक न करें जो ईएमआई (EMI), डीबीटी (DBT), प्रधानमंत्री केयर फंड या किसी अन्य केयर फंड के लिए वन टाइम पासवर्ड (OTP) या बैंक विवरण मांगता है|
  • फर्जी योजनाओं से सावधान रहें, जो एसएमएस, ई-मेल, पत्र, फोन कॉल या विज्ञापन के माध्यम से लॉटरी, नकद पुरस्कार या नौकरी के अवसर प्रदान करने का दावा करते हैं|
  • समय-समय पर बैंक से संबंधित अपना पासवर्ड बदलते रहें|
  • कृपया ध्यान रखें कि एसबीआई के प्रतिनिधि कभी भी अपने ग्राहकों को उनकी व्यक्तिगत जानकारी, पासवर्ड, उच्च सुरक्षा पासवर्ड या ओटीपी के लिए न तो ईमेल/एसएमएस भेजते हैं और ना ही कॉल करते हैं|
  • एसबीआई से संबंधित संपर्क नबंर और अन्य विवरण के लिए केवल एसबीआई की वेबसाइट का ही उपयोग करें| इस संबंध में इंटरनेट खोज परिणामों पर उपलब्ध जानकारी पर भरोसा न करें|
  • धोखेबाजाों के बारे में स्थानीय पुलिस के अधिकारी को तुरंत रिपोर्ट करें और अपनी निकटतम एसबीआई शाखा को इसकी सूचना दें|

Monday, September 30, 2019

इस बैंक से अब 6 महीने में एक बार ही निकाल पाएंगे पैसे, बैंक में हुआ हंगामा

मोदी सरकार द्वारा देशभर में बैंकों को लेकर नए नियम लागू किये जाते रहे हैं| इसमें कभी बैंक के लेन-देन को लेकर तो कभी कई बैंको को एक बैंक में विलय करने के लिए आदेश दिए जाते रहे हैं| इसके अलावा कई बैंकों का लाइसेंस तक रद्द कर दिया गया है| ऐसे में अगर आपका खाता भी बैंक अकाउंट में है तो आपके लिए एक जरूरी खबर आई है, जिसे जान लेने सभी के लिए बेहद जरूरी है|
6 महीने में एक बार ही निकाल पाएंगे पैसे

आज आपको एक ऐसे बैंक के बारे में बताने जा रहे हैं, जिसमें खाताधारक 6 महीने में केवल एक बार ही पैसे निकाल पाएंगे और हैरानी की बात यह की निकाली जाने वाली राशि सीमा 1 हजार रुपये रखी गई है| इसके बाद इस बैंक के बाहर हंगामा मचा हुआ है| रिज़र्व बैंक ऑफ इंडिया की तरफ कहा गया कि इस बैंक पर 6 महीने का प्रतिबंध लगाया गया है लेकिन इस बैंक का लाइसेंस रद्द नहीं किया जाएगा|
इस बैंक पर लगा 6 महीने का प्रतिबंध

रिज़र्व बैंक ऑफ इंडिया ने आदेश जारी करते हुए कहा है कि बैंकिंग रेग्युलेशन की धारा 35A के सेक्शन 1 के तहत बैंक पर लोन जारी करने और बिसनेस को लेकर रोक लगा दी गई है| इसके साथ ही रिज़र्व बैंक ने PMC बैंक के सभी लेन-देन पर कड़ी निगरानी रखने के निर्देश दिए हैं| इस आदेश का प्रभाव बैंक के खाताधारकों पर भी पड़ने वाला है|

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Sunday, September 22, 2019

RBI के इस नियम ने मचाया तहलका, अब बैंक रोजाना आपके खाते में डालेगा 100 रुपये

देश भर में लगभग हर दूसरे व्यक्ति के पास खुद का बैंक खाता है, जिसका इस्तेमाल वे पैसे लेन-देन के लिए करते हैं| लेकिन मौजूदा समय में लोगों को बैंक लेन-देन को लेकर काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है, जिसमे ऑनलाइन ट्रांजैक्शन फेल होने की समस्या सबसे अधिक आती है| इसके चलते बैंक ग्राहकों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है|
RBI के नए नियम ने मचाया तहलका

बैंक द्वारा ग्राहकों को बेहतर सुविधा उपलब्ध कराने के प्रयास किये जाते रहे हैं लेकिन ऑनलाइन ट्रांजैक्शन के फेल हो जाने पर 1 दिन में पैसे वापस नहीं मिलते हैं तो इसके लिए RBI ने एक नया नियम बनाया है, जिसने तहलका मचा दिया है| इस नियम के मुताबिक अगर ऑनलाइन ट्रांजैक्शन फेल हो जाने पर 1 दिन में पैसा वापस नहीं मिलता है तो बैंक और डिजिटल वॉलिट्स को ग्राहकों को रोजाना की पेनल्टी का भुगतान करना पड़ेगा|
बैंक रोज खाते में डालेगा 100 रुपये

RBI के नए नियम के तहत बैंक को फेल ऑनलाइन ट्रांजैक्शन के पैसे 1 दिन में वापस ना करने पर 100 रुपये रोज का ग्राहक के खाते में डालना पड़ेगा| यह नियम UPI पेमेंट, IMPS, ई-वॉलिट्स, कार्ड-टू-कार्ड पेमेंट और NACH पर लागू होगा| इसके अलावा केंद्रीय सरकार ने डिजिटल और नॉन-डिजिटल लेन-देन के लिए भी टाइमलाइन तय की हुई है| एटीएम और माइक्रो एटीएम में फेल लेन-देन के लिए खाते में पैसे पहुंचने का समय 5 दिन का दिया गया है|

Saturday, June 29, 2019

1 जुलाई से बदल जायेगा बैंकों से जुड़ी यह 3 नियम, अकाउंट होल्डर्स को मिलेगी राहत

दोस्तों, अगर आपने बैंक में अकाउंट खोलवा रखा है तो आपके लिए 1 जुलाई से बड़ी खुशियाँ आने वाली है| बैंकों से जुड़ी 3 बदलाव देखने को मिलने वाले हैं, जिससे आपको ही फायदा होने वाला है| ऑनलाइन ट्रांजेक्शन को बढ़ावा देने के लिए NEFT और RTGS पर लगने वाले चार्ज को ख़त्म किया जाने वाला है| इसके अलावा SBI से होम लोन लेने वाले ग्राहकों को रीपो रेट कम होने का लाभ मिल सकता है| चलिए इसके बारे में जानते हैं|
NEFT और RTGS पर चार्ज खत्म

भारतीय रिजर्व बैंक ने आरटीजीएस और एनईएफटी के जरिए पैसा ट्रांसफर करने पर लगने वाले चार्ज को 1 जुलाई से खत्म करने की घोषणा की है| रीयल टाइम ग्रॉस सेटलमेंट सिस्टम (RTGS) बड़ी राशियों को एक खाते से दूसरे खाते में तुरंत ट्रांसफर करने की सुविधा है| इसके अलावा NEFT के जरिये दो लाख रुपये तक तुरंत ट्रांसफर कर सकते हैं| देश का सबसे बड़ा भारतीय स्टेट बैंक NEFT के जरिए पैसे ट्रांसफर के लिए एक रुपये से 5 रुपये का शुल्क लेता है| वहीं RTGS के राशि स्थानांतरित करने के लिए वह 5 से 50 रुपये का शुल्क लेता है|
SBI का होम लोन रीपो रेट से जुड़ेगा

देश का सबसे बड़ा बैंक भारतीय स्टेट बैंक (SBI) 1 जुलाई से अपने होम लोन की ब्याज दरों को रीपो रेट से जोड़ देगा यानी अब SBI होम लोन की ब्याज दर पूरी तरह रीपो रेट पर आधारित हो जाएगी| अब यह समझना जरूरी है कि चूंकि रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति समिति (मॉनेटरी पॉलिसी कमिटी या एमपीसी) वर्ष में छह बार यानी हर दूसरे महीने नीतिगत ब्याज दरों की समीक्षा करती है जिनमें रीपो रेट भी शामिल है| स्पष्ट है कि अगर हर द्विमासिक मौद्रिक नीति समीक्षा में रीपो रेट में बदलाव हुआ तो SBI के होम लोन की ब्याज दरें भी उसी के मुताबिक घटेंगी या बढ़ेंगी|

अगर एक से ज्यादा बैंकों में है आपका अकाउंट तो हो सकता है भारी नुकसान

मसलन, आरबीआई की मौद्रिक नीति समिति ने लगातार तीन समीक्षा बैठकों में रीपो रेट में कुल मिलाकर 0.75 प्रतिशत की कटौती कर चुका है| आगे ऐसी परिस्थितियों में SBI का होम लोन भी लगातार सस्ता होगा| हालांकि, कई बार रीपो रेट न घटाया जाता है और न ही उसमें कोई वृद्धि की जाती है| रीपो रेट में कोई बदलाव नहीं होने की स्थिति में SBI होम लोन की ब्याज दरें भी स्थिर रहेंगी|
बेसिक अकाउंट होल्डर्स को भी चेक की सुविधा


बैंकों में बेसिक अकाउंट रखने वाले ग्राहकों को भी चेक बुक और अन्य सुविधाएं उपलब्ध हो सकती हैं| बैंक इन सुविधाओं के लिए खाताधारकों को कोई न्यूनतम राशि रखने के लिए नहीं कह सकते| प्राथमिक बचत बैंक जमा खाता (बीएसबीडी) से आशय ऐसे खातों से है, जिसे शून्य राशि से खोला जा सकता है| इसमें कोई न्यूनतम राशि रखने की जरूरत नहीं है| वित्तीय समावेशी अभिभयान के तहत आरबीआई ने बैंकों से बचत खाते के रूप में बीएसबीडी खाते की सुविधा देने की अनुमति दी है| यह आदेश 1 जुलाई से लागू होने जा रहा है|

अगर एक से ज्यादा बैंकों में है आपका अकाउंट तो हो सकता है भारी नुकसान

आरबीआई ने बैंकों के लिए अपने जीरो बैलंस अकाउंट होल्डर्स को सेविंग्स अकाउंट होल्डर्स जितनी सुविधाएं देना अनिवार्य नहीं किया है, बल्कि उन्हें अनुमति दी है| इसका मतलब है कि बैंक अगर चाहें तो नए नियम के तहत जीरो बैलंस वाले खाताधारकों को चेकबुक जैसी सुविधाएं दे सकते हैं| साथ ही, वह महीने में चार बार जमा और निकासी की सीमा खत्म कर सकते हैं और जीरो बैलंस अकाउंट वालों को भी जितनी बार चाहे पैसे जमा कराने या निकालने की अनुमति दे सकते हैं| लेकिन, इसके लिए कोई फीस नहीं लगाई जा सकती है|

Friday, June 28, 2019

अगर एक से ज्यादा बैंकों में है आपका अकाउंट तो हो सकता है भारी नुकसान

आज के समय में ज्यादातर लोग एक से ज्यादा बैंक अकाउंट ओपन करवा कर रखते हैं| अगर उन्हें एक बैंक अकाउंट की जरुरत होती है तब भी कई लोग दो या तिन अकाउंट खोलवाकर छोड़ देते हैं| आम इन्सान कभी एक दो से ज्यादा बैंक अकाउंट को मेंटेन नहीं कर सकता है एयर क्यादा बैंक अकाउंट होने से हर बैंक से चार्ज भी अलग देने होते हैं| चलिए आज हम बात करेंगे कि अगर आपके पास एक से ज्यादा बैंक अकाउंट है तो आपको क्या-क्या नुकसान उठाना पड़ सकता है|
एक से ज्यादा बैंक अकाउंट होने से हो सकते हैं यह नुकसान

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बता दने कि सेविंग अकाउंट में मिनिमम बैलेंस मेंटेन रहना ही पड़ता है अगर आप सेविंग अकाउंट में मिनिमम बैलेंस नहीं रखते हैं तो आपको उसके चार्ज भी देने पड़ जाते हैं| कई बैंक ऐसे हैं, जिसमें मिनिमान बैलेंस रखने का प्रावधान 10 हजार है अब ऐसे में आपने दो बैंक अकाउंट ओपन करवा रखा है तो आपको 20 हजार रूपये मेंटेन के लिए रखने होंगे, जो आम इन्सान के लिए संभव नहीं है|
इनकम टैक्स फाइल भरने में हो सकती है परेशानी


ज्यादा बैंकों में अकाउंट होने से टैक्स भरने के भी परेशानी हो सकती है| कागजी करवाई में भी काफी ज्यादा माथापच्ची करनी पड़ती है| इसके अलावा सभी इनकम टैक्स भरते समय सभी बैंकों के खाता की जानकारियां रखनी पड़ती है| हमेशा सभी बैंकों के स्टेटमेंट के रिकॉर्ड को लाने के परेशानी होती है|
भरने पड़ते हैं एक्स्ट्रा चार्ज

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कई बैंकों में अकाउंट होने से सभी बैंकों में मेंटेन फीस और सर्विस चार्ज सालाना भरने पड़ते हैं| आपको बता होगा कि डेबिट कार्ड या क्रेडिट कार्ड के अलावा बैंकिंग सर्विस के लिए भी बैंक आपसे चार्ज काटती है| ऐसे में ज्यादा बैंकों में अकाउंट होने से नुकसान ही नुकसान होता है|
नहीं मिलता है अच्छा इंटरेस्ट

एक से ज्यादा बैंकों में अकाउंट होने से कम ब्याज के रूप में नुकसान उठाना पड़ता है यानि एक से ज्यादा बैंकों में अकाउंट होने से हमारे पैसे अलग-अलग कन्वर्ट हो जाता है| अगर किसी एक ही बैंक में ज्यादा पैसे जमा करके रखेंगे तो आपको ज्यादा इंटरेस्ट मिलेगा लेकिन वही पैसे अलग-अलग बैंकों में रखेंगे तो आपका इंटरेस्ट कम जायेगा तो ऐसे में भी आपका ही नुकसान है|